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✓ 2007 से संचालित ✓ ISO 9001:2015 प्रमाणित ✓ आयुष प्राकृतिक चिकित्सा परिषद ✓ IYA एसोसिएट सदस्य ✓ 10,000+ प्रशिक्षित प्राकृतिक चिकित्सक
🌿 MPYPCP • 2007 से शिक्षण ISO 9001:2015 राज्य हब: Uttar Pradesh (75 जिले)

Uttar Pradesh (उत्तर प्रदेश) में DNYS कोर्स उपलब्ध: प्रवेश सत्र 2026-27

Uttar Pradesh के 12वीं पास युवाओं और नौकरीपेशा लोगों के लिए आयुष एवं प्राकृतिक चिकित्सा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने का स्वर्णिम अवसर। 3.5 वर्ष अवधि, 15 प्रश्नपत्र आधिकारिक पाठ्यक्रम (1,500 अंक) एवं राज्य के सभी 75 जिलों में स्थानीय अध्ययन मार्गदर्शन।

75 कुल जिले कवर्ड
12वीं पास सीधा प्रवेश (मेरिट आधार)
ISO 9001:2015 MPYPCP लखनऊ
प्रवेश सत्र 2026-27

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⚡ Uttar Pradesh में DNYS 2026 प्रवेश, फीस किश्त एवं सेंटर विवरण

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राज्य स्तरीय शैक्षणिक व वेलनेस विश्लेषण

Uttar Pradesh में प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग का इकोसिस्टम

उत्तर प्रदेश में प्राकृतिक चिकित्सा, योग और पारंपरिक वेलनेस पद्धतियों का एक अत्यंत समृद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक आधार है। आयुर्वेद और योग की जन्मस्थली होने के नाते राज्य की विशाल जनसंख्या में प्राकृतिक जीवनशैली के प्रति प्राकृतिक झुकाव है। आधुनिक दौर की भागदौड़ भरी जिंदगी, तनाव, और क्रॉनिक लाइफस्टाइल बीमारियों जैसे मधुमेह, उच्च रक्तचाप और मोटापे के बढ़ते प्रकोप के कारण निवारक स्वास्थ्य देखभाल (Preventive Healthcare) के रूप में प्राकृतिक चिकित्सा और योग की मांग में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। राज्य के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्रों जैसे वाराणसी, अयोध्या, मथुरा और प्रयागराज में वेलनेस टूरिज्म की अपार संभावनाएं उभर रही हैं, जो इस क्षेत्र को एक स्थायी स्वास्थ्य मॉडल के रूप में स्थापित कर रही हैं।

Uttar Pradesh के छात्रों के लिए स्वरोजगार व क्लिनिक के अवसर

राज्य के विभिन्न जिलों—विशेषकर लखनऊ, नोएडा, वाराणसी, कानपुर और गोरखपुर—में DNYS (Bachelor of Naturopathy and Yogic Sciences) स्नातकों के लिए स्वरोजगार और क्लिनिक संचालन के स्वर्णिम अवसर उपलब्ध हैं। बढ़ती स्वास्थ्य जागरूकता के कारण युवा प्राकृतिक चिकित्सकों के लिए अपने योग और नेचुरोपैथी क्लिनिक खोलना, कॉर्पोरेट वेलनेस कंसल्टेंट के रूप में कार्य करना, तथा पंचकर्म व डिटॉक्सिफिकेशन सेंटर्स की स्थापना करना बेहद लाभकारी साबित हो रहा है। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश के ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में भी वेलनेस सेंटर्स और प्रिवेंटिव हेल्थकेयर एडवाइजर की मांग तेजी से बढ़ रही है, जिससे नव-उत्तीर्ण छात्रों को रोजगार के विविध विकल्प मिल रहे हैं।

विधिक नियम एवं प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र संचालन

उत्तर प्रदेश में प्राकृतिक चिकित्सा और ड्रगलेस थेरेपी (Drugless Therapy) केंद्रों का संचालन करते समय केंद्र संचालकों को विधिक नियमों का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य है। हालांकि नेचुरोपैथी एक ड्रगलेस सिस्टम है, फिर भी क्लीनिकल इस्टैब्लिशमेंट एक्ट, राज्य स्वास्थ्य विभाग के दिशा-निर्देशों तथा स्थानीय नगर निगम के नियमों के तहत पंजीकरण कराना आवश्यक होता है। योग्य DNYS चिकित्सकों के लिए भारतीय चिकित्सा परिषद (Board of Indian Medicine, U.P.) या संबंधित आयुष परिषदों एवं नेचुरोपैथी एसोसिएशन से सम्बद्धता (Affiliation) प्राप्त करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह सम्बद्धता न केवल केंद्र की कानूनी वैधता और विश्वसनीयता को मजबूत करती है, बल्कि यह सुनिश्चित करती है कि प्रैक्टिस पूरी तरह से सुरक्षित, मानकीकृत और पेशेवर मानकों के अनुरूप हो।

Uttar Pradesh के सभी 75 जिलों की डायरेक्टरी (DNYS Available)

अपने जिले पर क्लिक करें और स्थानीय अध्ययन केंद्र व प्रवेश प्रक्रिया देखें

Agra →
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Aligarh →
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Ambedkar Nagar →
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Amethi →
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Amroha →
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Auraiya →
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Ayodhya →
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Azamgarh →
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Baghpat →
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Bahraich →
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Balrampur →
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Banda →
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Barabanki →
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Bareilly →
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Basti →
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Bhadohi →
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Bijnor →
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Bulandshahr →
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Chandauli →
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Chitrakoot →
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Deoria →
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Etah →
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Etawah →
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Farrukhabad →
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Firozabad →
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Gautam Buddha Nagar →
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Ghaziabad →
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Ghazipur →
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Gorakhpur →
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Hamirpur →
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Jaunpur →
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Kanpur Dehat →
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Kanpur Nagar →
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Mainpuri →
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Unnao →
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Varanasi →
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प्रकृति की 5 मूल शक्तियां

पंचमहाभूत (Panchamahabhuta) आधारित प्राकृतिक चिकित्सा

"स्वास्थ्य एवं प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में एक सफल करियर बनाएं — प्राकृतिक चिकित्सा बिना किसी साइड इफेक्ट के शरीर के भीतर मौजूद रोग-प्रतिरोधक शक्ति को जगाती है।"

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पृथ्वी (Mud)

मिट्टी चिकित्सा शरीर से विजातीय द्रव्यों को खींचकर बाहर निकालती है और सूजन शांत करती है।

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जल (Water)

कटि स्नान, वाष्प स्नान एवं एनिमा से रक्त संचार तेज होता है और पाचन तंत्र शुद्ध होता है।

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अग्नि (Fire/Sun)

सूर्य किरण चिकित्सा और रंग चिकित्सा (Chromotherapy) शरीर में विटामिन D और ऊर्जा संतुलन लाती है।

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वायु (Air/Prana)

प्राणायाम एवं वायु स्नान से फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ती है और मानसिक तनाव समाप्त होता है।

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आकाश (Ether/Fast)

उपवास (Fasting) पाचन तंत्र को पूर्ण विश्राम देता है, जिससे कोशिकाएं स्वतः अपनी मरम्मत करती हैं।

पात्रता मापदंड

12वीं पास (न्यूनतम 45%)

चाहे विज्ञान हो, कला (Arts) या वाणिज्य (Commerce) — 12वीं में न्यूनतम 45% अंकों के साथ सीधा प्रवेश। कोई आयु सीमा नहीं।

पाठ्यक्रम अवधि

3.5 वर्ष (3 Yr + 6 Mo)

3 वर्ष अकादमिक अध्ययन (15 प्रश्नपत्र • 1,500 अंक) + 6 माह अनिवार्य नैदानिक इंटर्नशिप व प्रैक्टिकल।

हाइब्रिड एवं ऑनलाइन अध्ययन

ऑनलाइन + प्रैक्टिकल सेंटर

घर बैठे ऑनलाइन थ्योरी व डाक द्वारा पुस्तकें, और अधिकृत केंद्रों पर प्रायोगिक कार्यशालाएं।

माध्यम & मोड

हिन्दी / English हाइब्रिड

नौकरीपेशा युवाओं के लिए हाइब्रिड व ऑनलाइन अध्ययन सुविधा, परीक्षा दोनों भाषाओं में देने का विकल्प।

आधिकारिक 15 प्रश्नपत्र • 1,500 अंक

DNYS संपूर्ण 3-वर्षीय पाठ्यक्रम (15 Papers) एवं 24 संदर्भ पुस्तकें

महर्षि पतंजलि योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा परिषद (MPYPCP) द्वारा निर्धारित 54-पेज का आधिकारिक सिलेबस (dnys-distribution.pdf)। प्रत्येक प्रश्नपत्र 100 अंक एवं 3 घंटे की लिखित व प्रायोगिक परीक्षा पर आधारित है।

Paper Code सत्र / Year विषय एवं प्रश्नपत्र का नाम (Subject Title) परीक्षा अवधि कुल अंक
Paper I Year 1 (प्रथम वर्ष) Philosophy & Methods of Nature Cure (प्राकृतिक चिकित्सा का दर्शन एवं विधियाँ) 3 Hours 100 Marks
Paper II Year 1 (प्रथम वर्ष) Philosophy & Foundations of Yoga (योग का दर्शन एवं आधारभूत सिद्धान्त) 3 Hours 100 Marks
Paper III Year 1 (प्रथम वर्ष) Anatomy & Physiology (मानव शरीर रचना एवं क्रिया विज्ञान) 3 Hours 100 Marks
Paper IV Year 1 (प्रथम वर्ष) Hygiene, Public Health & First Aid (स्वास्थ्य विज्ञान, जनस्वास्थ्य एवं प्राथमिक उपचार) 3 Hours 100 Marks
Paper V Year 1 (प्रथम वर्ष) General Pathology & Disease Science (रोग विज्ञान का सामान्य अध्ययन) 3 Hours 100 Marks
Paper VI Year 2 (द्वितीय वर्ष) Yoga Therapy (योग चिकित्सा) 3 Hours 100 Marks
Paper VII Year 2 (द्वितीय वर्ष) Hydrotherapy (जल चिकित्सा) 3 Hours 100 Marks
Paper VIII Year 2 (द्वितीय वर्ष) Mud Therapy (मिट्टी चिकित्सा / मृत्तिका चिकित्सा) 3 Hours 100 Marks
Paper IX Year 2 (द्वितीय वर्ष) Chromotherapy & Heliotherapy (रंग एवं सूर्य किरण चिकित्सा) 3 Hours 100 Marks
Paper X Year 2 (द्वितीय वर्ष) Science of Facial Expression (आकृति से रोग की पहचान — Louis Kuhne System) 3 Hours 100 Marks
Paper XI Year 3 (तृतीय वर्ष) Fasting, Nutrition & Dietetics (उपवास, पोषण एवं आहार विज्ञान) 3 Hours 100 Marks
Paper XII Year 3 (तृतीय वर्ष) Manipulative Treatments & Zone Therapy (वैज्ञानिक मालिश, शिरोधारा एवं एक्यूप्रेशर) 3 Hours 100 Marks
Paper XIII Year 3 (तृतीय वर्ष) Study of Hatha Yoga & Patanjali Yoga Sutra (हठयोग एवं पतंजलि योग सूत्र) 3 Hours 100 Marks
Paper XIV Year 3 (तृतीय वर्ष) History & Development of Yogic Philosophy (योग दर्शन का इतिहास एवं विकास) 3 Hours 100 Marks
Paper XV Year 3 (तृतीय वर्ष) Management of Diseases, Clinics & Hospitals (रोग प्रबंधन, प्राकृतिक चिकित्सालय एवं क्लिनिक प्रबंधन) 3 Hours 100 Marks
कुल 15 प्रश्नपत्र + 6 माह अनिवार्य नैदानिक इंटर्नशिप (100% प्रायोगिक प्रशिक्षण): 1,500 Marks

पाठ्यक्रम की 24 प्रामाणिक संदर्भ पुस्तकें (Paper-Mapped)

Louis Kuhne, Dr. H.K. Bakhru, Evelyn C. Pearce, डॉ. विट्ठलदास मोदी एवं प्रसिद्ध विशेषज्ञों की रचनाएं

सभी 24 पुस्तकें देखें →
1. डबास नेचर गाइड (Dabas Nature Guide) Paper I
लेखक: डॉ. आर.एस. डबास (Year 1)
2. दिव्य प्राकृतिक चिकित्सा (Divya Prakritik Chikitsa) Paper I
लेखक: डॉ. रामदत्त शर्मा (Year 1)
3. प्राकृतिक आयुर्विज्ञान (Prakritik Ayurvigyan) Paper I & II
लेखक: डॉ. राकेश जिंदल, संपादक (Year 1)
4. मानव शरीर रचना (Manav Sharir Rachna) Paper III
लेखक: डॉ. जानकीशरण शर्मा (Year 1)
5. शरीर रचना एवं शरीर क्रिया विज्ञान Paper III
लेखक: श्री नंदन बंसल (Year 1)
6. शरीर रचना एवं क्रिया विज्ञान Paper III
लेखक: डॉ. विमल मोदी (Year 1)
7. Anatomy and Physiology for Nurses Paper III
लेखक: Evelyn C. Pearce (Year 1)
8. First Aid to the Injured Paper IV
लेखक: St. John Ambulance Association (Year 1)
9. कब्ज व गैस की अचूक चिकित्सा Paper V
लेखक: डॉ. ओमप्रकाश आनंद (Year 1)
10. जल चिकित्सा (Hydrotherapy) Paper VII
लेखक: डॉ. ओंकारनाथ एवं डॉ. नीरज (Year 2)
11. पृथ्वी (Mud Therapy) Paper VIII
लेखक: डॉ. ओंकारनाथ एवं डॉ. नीरज (Year 2)
12. सूर्य (Heliotherapy & Chromotherapy) Paper IX
लेखक: डॉ. ओंकारनाथ (Year 2)
आत्मनिर्भरता एवं सम्मान

DNYS पूरा करने के बाद करियर और स्वरोजगार के प्रमुख अवसर

प्राकृतिक चिकित्सा केवल एक डिप्लोमा नहीं, बल्कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक स्वतंत्र, प्रतिष्ठित और समाजोपयोगी स्वरोजगार का प्रवेश द्वार है।

स्वतंत्र स्वरोजगार एवं निजी केंद्र

अपनी नेचुरोपैथी क्लिनिक व वेलनेस सेंटर

DNYS पूरा करने के बाद आप अपने जिले या शहर में स्वतंत्र प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग परामर्श केंद्र स्थापित कर सकते हैं। बिना किसी दवा के केवल पंचमहाभूत, जल-मिट्टी व आहार चिकित्सा से रोगियों का उपचार करें।

✓ Uttar Pradesh एवं राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त अवसर
संस्थागत एवं कॉर्पोरेट स्वास्थ्य

वेलनेस सलाहकार / कॉर्पोरेट योग विशेषज्ञ

कॉर्पोरेट कंपनियों, 5-स्टार वेलनेस सेंटर्स और लग्जरी होटलों में लाइफस्टाइल कोच, स्ट्रेस मैनेजमेंट काउंसलर और डाइट कंसल्टेंट के प्रतिष्ठित अवसर।

✓ Uttar Pradesh एवं राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त अवसर
शैक्षणिक व सामुदायिक स्वास्थ्य

शिक्षण, प्रशिक्षण व कॉलेज योग फैकल्टी

NEP 2020 के तहत स्कूलों, कॉलेजों, योग अकादमियों और फिटनेस संस्थानों में योग एवं स्वास्थ्य शिक्षक के रूप में प्रतिष्ठित अध्यापन करियर।

✓ Uttar Pradesh एवं राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त अवसर
डिजिटल स्वास्थ्य परामर्श

स्वास्थ्य उद्यमिता एवं डिजिटल वेलनेस क्रिएटर

ऑर्गेनिक डायटेटिक्स, प्राकृतिक उपचार उत्पाद, ऑनलाइन वेलनेस कंसल्टेशन और वैश्विक स्तर पर प्राकृतिक चिकित्सक के रूप में प्रतिष्ठा।

✓ Uttar Pradesh एवं राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त अवसर

Uttar Pradesh में DNYS से जुड़े सामान्य प्रश्न

Uttar Pradesh में DNYS कोर्स में प्रवेश की योग्यता क्या है? ↓

Uttar Pradesh के किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं (कला, वाणिज्य या विज्ञान) में न्यूनतम 45% अंक प्राप्त छात्र सीधे मेरिट आधार पर प्रवेश ले सकते हैं।

Uttar Pradesh में क्या नौकरीपेशा युवा हाइब्रिड मोड में DNYS कर सकते हैं? ↓

जी हाँ, Uttar Pradesh के विभिन्न जिलों के छात्रों के लिए ऑनलाइन/हाइब्रिड अध्ययन सामग्री और सप्ताहांत प्रैक्टिकल कार्यशालाओं की सुविधा उपलब्ध है।

Uttar Pradesh में DNYS पूरा करने के बाद क्लिनिक खोलने के क्या नियम हैं? ↓

DNYS उत्तीर्ण छात्र Uttar Pradesh में अपना स्वतंत्र प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग परामर्श केंद्र, वेलनेस सेंटर अथवा ध्यान केंद्र संचालित कर सकते हैं।

Uttar Pradesh में अध्ययन केंद्र एवं परीक्षा केंद्र की क्या व्यवस्था है? ↓

MPYPCP के अधिकृत अध्ययन केंद्र Uttar Pradesh के प्रमुख जिलों में स्थापित हैं, जहाँ छात्रों को व्यावहारिक प्रशिक्षण और परीक्षा सहायता मिलती है।

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